राहु राहु और केतु राग-द्वेष के नाटक को दर्शाता है। जो कि मन में आ रहे नफ़रत और आर्कषण को अवचेतन मन की तरफ ले…

इश्वरहासर्वभूतिनाममहुरुदेरजुनतुषती;  भ्रामयनसर्वभौतानीमंतररुदानीमायाया MEANING the Supreme Lord seats himself in the hearts of all his creatures, setting them into action, deluding them as if they are…